'समरसता दिवस' पर दिल्ली हाईकोर्ट में प्रोफेसर रामकांत द्विवेदी का व्याख्यान

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प्रोफेसर रामकांत द्विवेदी ने 'समरसता दिवस' पर दिल्ली हाईकोर्ट में एक प्रभावशाली व्याख्यान दिया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों को रेखांकित करते हुए इसके संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। प्रो. द्विवेदी ने कहा कि भारत के संवैधानिक ढांचे को कमजोर करने की कोशिश करने वालों का सख्त और ठोस जवाब दिया जाएगा।

समरसता दिवस के अवसर पर चर्चा के मुख्य बिंदु:

भारतीय संविधान के मूल सिद्धांत: प्रो. द्विवेदी ने संविधान के महत्व और इसके संरक्षण की आवश्यकता पर चर्चा की।

पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवाद: उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकियों द्वारा किए गए हमले का उल्लेख किया, जिसमें निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाया गया था।

भारत की सैन्य कार्रवाई: प्रो. द्विवेदी ने बताया कि भारत ने 7 मई 2025 को पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत जम्मू-कश्मीर में मौजूद 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों पर सटीक सैन्य कार्रवाई की।

संवैधानिक ढांचे की रक्षा: उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के संवैधानिक ढांचे को कमजोर करने की कोशिश करने वालों का सख्त और ठोस जवाब दिया जाएगा।

दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस जसमीत सिंह और अनेक गणमान्य अतिथि और विधि विशेषज्ञ इस अवसर पर उपस्थित थे ¹।

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